सुना हमने क़िस्से कहानियों में l
सुना हमने क़िस्से कहानियों में , तू दुष्टों का करती है संहार । फिर क्यों आज तू बधिर बनी जब , तेरी बेटियाँ करती है तुझसे पुकार ।। सुना हमने क़िस्से कहानियों में , तू अपने भक्तों की बनती है ढाल । लेकिन क्यों जब कोई गिद्ध तेरी बेटी पर आँख गढ़ाएँ , तू नही रखती उसका ख़याल ।। सुना हमने क़िस्से कहानियों में , कि बेटियाँ तेरा ही तो अंश है । फिर क्यों उनके जीवन में शुरू से अंत तक एक अलग ही विध्वंस है ।। सुना हमने क़िस्से कहान...