तो थू है तुम्हारे पुरूष होने पर ।







अगर तुम्हारे लिए पुरुषत्व का अर्थ केवल किसी महिला की अस्मत लूटने तक है तो  
थू है तुम्हारे पुरूष होने पर ।

अगर तुम्हारे लिए सामने खड़ी एक स्त्री सिर्फ़ तुम्हारे मनोरंजन की वस्तु है तो  
थू है तुम्हारे पुरुष होने पर ।

अगर तुम्हारे मन में एक छोटी सी बच्ची को देखकर मन में कुकर्म की आग जगे तो  
थू है तुम्हारे पुरुष होने पर ।

अगर किसी असहाय स्त्री के लिए तुम्हारे मन में रक्षण की जगह भक्षण का ख्याल जगे तो  
थू है तुम्हारे पुरुष होने पर ।

अगर तुम्हारे बहके हुए मन में हवस की आग उसके परिणाम के डर से ज़्यादा दहके तो 
थू है तुम्हारे पुरुष होने पर ।

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